Tuesday, March 9, 2010

mister gogo - ek actor

सुनो सुनो दुनिया के लोगो
इनका नाम है मिस्टर गोगो
आइये आपको इनसे मिलवाएं
ताकि आप हस्ते हस्ते फूले न समायें
एक बार गोगो बिस्तर पर बैठ के देख रहा था टीवी
जिसमे अ रहे थे वही पुराने घिसे पिटे कार्यक्रम
जिसमे आती हैं वही सास बहु और बीवी
अचनाक उसके दिमाग मैं एक ख्याल आया
और वोह जल्दी से सुबह का न्यूज़ पेपर लाया
नौकरियों के column मैं ढूंड रहा था बोह एक्टिंग assignment
जैसे चला रहा हों कोई गाडी बिना व्हील allignment
अचानक दिखा उसे एक ऐसी कंपनी का नाम
जो देने वाली थी उसको उसकी प्रतिभा का पूरा दाम
जल्दी से घुमाया उसने उस कंपनी का नंबर
और बोला की मैं बनाना चाहता हूँ like आमिर खान इन अव्वल नंबर
इतनी देर मैं आ गयी उसकी नानी
और पुछा की अब क्या कर रहा है तू शैतानी
उत्साहपूर्ण और जोश से भरपूर
उसने कहा की नानी मैं बना चाहता हूँ अनिल कपूर
नानी ने रख के उसके मुह पर मारा चाटा
नानी ने कहा की न शकल न सूरत है तेरी
और बनाने चला है तू जिम carey
कंपनी को तो दुबायेगा ही
खुद भी घूमेगा लेके हाथ मैं भीक का डब्बा
अब चुप चाप बैठ के कर अपने स्कूल का काम
और मुझके भी करने दे आराम
गोगो हों गया बड़ा निराश
उसके इरादे ही गए चूर चूर  और वोह हों गया हताश
तभी हुआ एक अद्बुत चमत्कार
आया उसके सामने इश्वर का अवतार
बोला तुझे देख के हताश और निराश
खो गया है पूरे स्वर्ग का हर्षो उल्लास
मांग जो मांगना है तुझे आज
तेरा करूँगा पूरा मैं हर काज
सोच मैं पड़कर गोगो हों गया लाचार
आ रहे थे उसके मन मैं न जाने कितने विचार
एक विचार था मानवता की भलाई का
और दूसरा एक्टिंग रूपी मलाई का
किन्कर्ताव्य्विमुद सा  ho गया था उसका चेहरा
और वोह एक् द्रिड निश्चय पे आके ठहरा
बोला हे प्रभु मिटा दो इस दुनिया मैं दुःख का नामोनिशान
और हर गरीब को दो रोटी कपडा और मकान
यह शब्द सुनकर प्रभु की आँखों मैं आ गया पानी
और बोले , अबे जाग जा कम्बखत मैं बोल रही हूँ तेरी नानी
ज्यूँ ही गोगो ने खोले अपने नैन
नानी को पाके सामने वोह हों गया बड़ा बैचैन
इतना भयानक सपना देख के गोगो ने करी तौबा और पकडे अपने कान
और कहा की अब नहीं देखूंगा एक्टर बनाने का सपना चाहे चली जाये मेरी जान
 तो सुना देश के प्यारे बचों
तन के बचओ मन के साचो
काम उसी पे हाथ उठाना, जो हों तुम्हारे बाद मैं कर पाना
अच तो अब करता हूँ कहानी बंद
और जाऊंगा घर खाने कलाकंद
 dated :- 02 /07 /03

Monday, March 8, 2010

mister gogo - jungle main

सुनो सुनो दुनिया के लोगों
इनका नाम है मिस्टर गोगो
आइये आपको इनके कारनामे बतलाएं
ताकि आप हस्ते हस्ते फुले न समायें
यह बात है पुराणी
हाँ हाँ भाई
तब तक मर चुकी थी झाँसी की रानी
greeshm ऋतू बोल रही थी बद्द chad कर
सूर्य देवता ने धाय था कहर
मिस्टर गोगो भी इससे वंचित न रह पाए
गर्मी ने इनके ऊपर भी बहुत कहर तह धाये
मिस्टर गोगो को सुझा एक उम्दा उपाय
सोचा की क्यूँ न जंगल मैं जाके गर्मी बितायी जाए
खोल लिया दुनिया का नक्षा
धुंडने लगे जंगल जो करे इनकी गर्मी से रक्षा
तलाश जंगल की हुई नाकाम
सर मैं दर्द हुआ इतना की लगनी पड़ी बाम
हार उसने कर ली थी स्वीकार
सफलता ने पास आने से कर दिया था इनकार
एक दिन घर मैं स्कूल से नोटिस एक आया
दिल मैं उनके खुशिया वोह लाया
लिखा था उसमे
गर्मी की चुटिया हामरे संग मनाये
आइये जंगल मैं मौज मनाये
३०० रुपैये जमा करा के
अपना नाम दर्ज कराएं
गोगो की ख़ुशी का न रहा ठिकाना
आखिर हों जो गया उसे नसीब जंगल मैं जाना
३ दिनों के कपडे किये उसने बंद
पहुँच गया स्कूल अगले दिन खता हुआ कलाकंद
यह ख़ुशी थी ख्संभंगुर
टूट गयी जब मिला उसका मित्र मधुर
मधुरता से भरपूर नूर से भरा हुआ उसका चेहरा
मधुर था उदास
गायब था उसका हर्षो उलास
पूछ ताछ के बाद बात ये सामने ई
की कलनाद के रूप मैं जो गोगो ने खाई थी मिठाई
उसका समय था नहीं सुबह के ८ बजे
बल्कि था गुफारी के २ बजे भाई
यह जानकार गोगो को लगा धक्का
उड़ गए उसके होश रह गया वोह हक्का बक्का
२ बजे की पकड़ी उसने बस
पहुँच गया जंगल मैं जब बजे  सवा दस
जंगल मैं क्या देखता है वोह बेचारा प्राणी
की उसकी आँखों के सामने खड़ी है उसकी नानी
नानी के संग छुटियाँ बनाने का तो न था उसका इरादा
पर बेचारे की किस्मत ही है ख़राब औरों से थोड़ी ज्यादा
नानी और मचरों ने कर दिया उसका जीना ख़राब
देखेगा नहीं वोह कभी जंगल के ख्वाब
तीन दिन के जहनुम के बाद
घर जब वोह वापिस आया
तो परिवार जानो कियो बेहद खुश पाया
उस दिन गोगो को बेहद रोना आया
और पछताया
की क्यूँ वोह जंगल के झांसे मैं आया
दरसल
हुआ ये की गोगो के जाने के बाद
बरखा रानियों को दिल्ली वासियों पे तरस आया
और उसने जम कर पानी बरसाया
गर्मी से बचने के लिए गोगो गया था जंगल
jungle मैं हों गए दंगे
दिल्ली मैं हों गया मंगल
गोगो ने फिर पकडे अपने कान
जैसे दाल मखानी बिना बुट्टर नान
तो हर अची चीज़ का आता है अंत
यह मैं नहं कहता कहता था कोई महंत

Saturday, March 6, 2010

मिस्टर गोगो एक शुरुआत

सुनो सुनो दुनिया के लोगों
इनका नाम है मिस्टर गोगो
आइये आपको इनसे मिलवाएं
इनका आपको इतिहास बतलाएं
इनके बाप का नाम था चाचा
वोह था हड्डी का ढांचा
बनता था अपने को हीरो
पर था वोह बस मिस्टर जेरो
जब चाचा ने ब्याह रचाया
तब गोगो धरती पे आया
शुरू से था ये बड़ा शैतान
करता था सबको परेशान
माता पिता की इकलौती संतान
मांगते हों उसकी शैतानी का कुछ हिस्सा
तो लो सुनाता हूँ आपको एक किस्सा
किस्से वाली ये बात है purani
तब जब जिंदा था इसकी नानी
भाई नानी तो थी बड़ी सुहानी
जैसे हों परियों की रानी
दिखने मैं तो थी ही वोह अची
मन की भी थी बड़ी ही सची
नानी दफ्तर मैं काम थी करती
और गोगो पे जान चिदक्ति
गोगो करता नानी को उतना ही तंग
और फिर हों जाती दोनों मैं जंग
नानी उसको बड़ा समझाती
पर बात उसके समझ मैं न आती
एक बार की बात है भाया
उसके दिमाग मैं एक ख़याल आया
न जाने एक दम से क्या हुआ उसको
सोचा उसने जल्दी से यहाँ से खिसको
नानी के पास वोह पहुंचा जल्दी
बोला एक रुपया दे दो नानी जल्दी
नानी ने साफ़ कर दिया इनकार
और बोली की अब पड़ेगी तुझको मार
गोगो को वहां से daant भगाया
गोगो घर वोह छोड़ के आया
सारे रिश्ते छोड़ कर आया
प्यार के धागे तोड़ कर आया
बैठ गया जहाँ बैठा था गोरा
पकड़ कर हाथ मैं भीक का कटोरा
गोरा है एक अँधा भिकारी
जिसकीएक बेटी है कुंवारी
गोगो की जितनी है वोह बची
पर गोगो से बहुत है अच्छी
उस लड़की का नाम है सीता
उसकी एक जुड़वाँ behan है गीता
खैर चोदिये इन सब बातों को
दिखाते हैं हम गोगो को
तो भाई गोगो मांग रहा था भीक
इतने मैं आ गए उसके चाचा रफीक
गोगो बेचारा बना हुआ था अँधा
इतने मैं पकड़ा किसी ने उसका कन्धा
गोगो ने फट से आँख जो खोली
बन गयी उसकी दुशेरा दिवाली होली
chacha use पकड़ के घर लाये
और फिर जूते चपल खिलाये
गोगो को तो खानी थी बस एक टोफ्फी
पर बेचारे को मंगनी पद गयी माफ़ी
गोगो की तो किस्मत ही है ख़राब
जैसे पानी मैं मिला दी हओ किसी ने शराब
गोगो ने मांगी माफ़ी सबसे
पद गयी लत मार खाने की उसे तबसे
तो सुना देश के प्यारे बचों
तन के अचों मन के सचों
गोगो की तरह तुम न बन जाना
देश को न बदनाम कराना
अभी सुने कहाँ तुमने गोगो के कारनामे
सुनाऊंगा फिर किस दिन
जब मिलेंगे हम किसी न किसी बहाने
तो सुना आपने दुनिया के लोगों
ऐसे थे ये मिस्टर गोगो
अब करता हूँ ख़तम मैं अपनी ये कहाँ
वरना मारेगी मुझको मेरी नानी

date :- 29/10/2001