Saturday, March 6, 2010

मिस्टर गोगो एक शुरुआत

सुनो सुनो दुनिया के लोगों
इनका नाम है मिस्टर गोगो
आइये आपको इनसे मिलवाएं
इनका आपको इतिहास बतलाएं
इनके बाप का नाम था चाचा
वोह था हड्डी का ढांचा
बनता था अपने को हीरो
पर था वोह बस मिस्टर जेरो
जब चाचा ने ब्याह रचाया
तब गोगो धरती पे आया
शुरू से था ये बड़ा शैतान
करता था सबको परेशान
माता पिता की इकलौती संतान
मांगते हों उसकी शैतानी का कुछ हिस्सा
तो लो सुनाता हूँ आपको एक किस्सा
किस्से वाली ये बात है purani
तब जब जिंदा था इसकी नानी
भाई नानी तो थी बड़ी सुहानी
जैसे हों परियों की रानी
दिखने मैं तो थी ही वोह अची
मन की भी थी बड़ी ही सची
नानी दफ्तर मैं काम थी करती
और गोगो पे जान चिदक्ति
गोगो करता नानी को उतना ही तंग
और फिर हों जाती दोनों मैं जंग
नानी उसको बड़ा समझाती
पर बात उसके समझ मैं न आती
एक बार की बात है भाया
उसके दिमाग मैं एक ख़याल आया
न जाने एक दम से क्या हुआ उसको
सोचा उसने जल्दी से यहाँ से खिसको
नानी के पास वोह पहुंचा जल्दी
बोला एक रुपया दे दो नानी जल्दी
नानी ने साफ़ कर दिया इनकार
और बोली की अब पड़ेगी तुझको मार
गोगो को वहां से daant भगाया
गोगो घर वोह छोड़ के आया
सारे रिश्ते छोड़ कर आया
प्यार के धागे तोड़ कर आया
बैठ गया जहाँ बैठा था गोरा
पकड़ कर हाथ मैं भीक का कटोरा
गोरा है एक अँधा भिकारी
जिसकीएक बेटी है कुंवारी
गोगो की जितनी है वोह बची
पर गोगो से बहुत है अच्छी
उस लड़की का नाम है सीता
उसकी एक जुड़वाँ behan है गीता
खैर चोदिये इन सब बातों को
दिखाते हैं हम गोगो को
तो भाई गोगो मांग रहा था भीक
इतने मैं आ गए उसके चाचा रफीक
गोगो बेचारा बना हुआ था अँधा
इतने मैं पकड़ा किसी ने उसका कन्धा
गोगो ने फट से आँख जो खोली
बन गयी उसकी दुशेरा दिवाली होली
chacha use पकड़ के घर लाये
और फिर जूते चपल खिलाये
गोगो को तो खानी थी बस एक टोफ्फी
पर बेचारे को मंगनी पद गयी माफ़ी
गोगो की तो किस्मत ही है ख़राब
जैसे पानी मैं मिला दी हओ किसी ने शराब
गोगो ने मांगी माफ़ी सबसे
पद गयी लत मार खाने की उसे तबसे
तो सुना देश के प्यारे बचों
तन के अचों मन के सचों
गोगो की तरह तुम न बन जाना
देश को न बदनाम कराना
अभी सुने कहाँ तुमने गोगो के कारनामे
सुनाऊंगा फिर किस दिन
जब मिलेंगे हम किसी न किसी बहाने
तो सुना आपने दुनिया के लोगों
ऐसे थे ये मिस्टर गोगो
अब करता हूँ ख़तम मैं अपनी ये कहाँ
वरना मारेगी मुझको मेरी नानी

date :- 29/10/2001

5 comments:

  1. Mazedar! Anek shubhkamnayen!

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  2. excellent. new style
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  3. Bada acha laga ki mera ye tuch sa prayas aap sabhi ko psaand aya.Dhanyawaad.

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